मिर्जापुर। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी 100 क्विंटल तक गेहूं की बिक्री के लिए राजस्व विभाग की तरफ से किए जाने वाले भूमि को सत्यापन से मुक्त रखा गया है। सौ क्विंटल तक गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों की भूमि का सत्यापन नहीं कराया जाएगा। इस बीच विभिन्न केंद्रों पर अब तक 18 किसानों से 656 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद शुरू हो गई है। बीते दिन दिन के दौरान विभिन्न क्रय केंद्रों पर 18 किसानों से अब तक 656 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। सदर, चुनार, लालगंज व मड़िहान तहसील को मिलाकर खाद्य विभाग, भारतीय खाद्य निगम, यूपीएसएस, पीसीयू, पीसीएफ सहित अन्य क्रय एजेंसियों की तरफ से कुल 70 केंद्र खोले गए हैं।
बीते सोमवार तक सदर में एक किसान से 39 क्विंटल, कोन में एक किसान से सात क्विंटल, लालगंज में एक किसान से 20 क्विंटल, लालगंज में ही एक किसान से 44.50 क्विंटल, हलिया में दो किसानों से 129 क्विंटल, राजगढ़ में तीन किसानों से अबतक 68 क्विंटल, इसी तरह से मड़िहान में एक किसान से 140 क्विंटल, कछवां में एक किसान से 2.5 क्विंटल, पड़री में एक किसान से 17 क्विंटल, अहरौरा मंडी में चार किसानों से 84 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी।
इसी तरह से अहरौरा रानीबाग में एक किसान से 75 क्विंटल व चुनार में एक किसान से 30 क्विंटल समेत तीन दिन में 656 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी 100 क्विंटल तक गेहूं बेचने वाले किसानों की जमीन का सत्यापन नहीं कराया जाएगा। बारिश और ओलावृष्टि के चलते किसानों के फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य प्रभावित हो गया है। जिसके चलते केंद्रों पर गिने चुने किसान ही पहुंच रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 15 अप्रैल के बाद से गेहूं खरीद में तेजी आ सकती है।