मिर्जापुर। पाकिस्तान की जेल में 11 साल बंद रहने के बाद पांच जनवरी 2021 को मिर्जापुर आया पुन्नवासी एक माह घर रहने के बाद 16 फरवरी 2021 को फिर लापता हो गया। इस बीच करीब तीन साल बीतने को है और अब तक पुन्नवासी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है और न ही उसकी खोजबीन की गई। पुलिस अब उसकी तलाश कराने की बात कह रही है।
देहात कोतवाली के भरुहना निवासी पुन्नवासी 2009 में भटककर पाकिस्तान चला गया था। बार्डर क्रास करने पर पाकिस्तान के नौलखा लाहौरा में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल में डाल दिया गया। पाकिस्तान की जेल में 10 वर्ष बंद रहने के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ पुन्नवासी की राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए मार्च 2019 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय को पाकिस्तान से पत्र आया। पत्र में पुन्नवासी का जो नाम और पता लिखा था, वह स्पष्ट नहीं था। मिर्जापुर में तैनात एलआईयू के तत्कालीन निरीक्षक इंद्र भूषण यादव ने एक साल के अथक प्रयास से अधूरे पते से ही पुन्नवासी का पता लगाया। पुन्नवासी देहात कोतवाली के भरुहना का रहने वाला था। उसकी बहन किरण का घर लालगंज के बसईटा में था। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर पुन्नवासी को 17 नवंबर 2020 को पाकिस्तान की जेल से रिहा कर अटारी बाॅर्डर पर बीएसएफ को सौंपा गया। इसके बाद उसे उसके घर लाने की प्रक्रिया शुरू हुई। पांच जनवरी 2021 को जिला प्रशासन की मदद से पुन्नवासी की बहन किरण और जीजा मुन्नू उसे लेकर मिर्जापुर आए। मिर्जापुर में स्वागत के बाद वह लालगंज के बसईटा स्थित घर पर रहने लगा। वहां रहने के दौरान वह 16 फरवरी 2021 को फिर लापता हो गया। पुन्नवासी के लापता होने पर बहन परेशान हो गई। बहन किरण ने आस-पास के गांवों में पुन्नवासी की तलाश की, परंतु उसका पता नहीं चल सका। लालगंज थाने में सूचना दी परंतु न तो पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की और न ही उसकी खोजबीन की। इस बीच करीब तीन साल पुन्नवासी फिर लापता है। एएसपी सिटी नितेश सिंह का कहना है कि पाकिस्तान की जेल से लौटा पुन्नवासी कुछ दिन बाद लालगंज थाना क्षेत्र स्थित बहन के घर से लापता हो गया था। परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई थई। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं है। उसकी तलाश के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी।