मिर्जापुर। हलिया विकास खंड के बरौंधा स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज की भौतिक विज्ञान की प्रवक्ता व पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य ज्योति गोयल को अपर शिक्षा निदेशक राजकीय केेके गुप्ता ने निलंबित कर दिया है। इस मामले में संबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को जिला विद्यालय निरीक्षक पहले ही निलंबित कर चुके हैं।
बताते हैं कि इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य रामप्रताप सिंह ने जब कार्यभार ग्रहण किया तो उनको कुछ अनियमितता मिली। उनका आरोप था कि भौतिक विज्ञान की प्रवक्ता व पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से मिलकर फर्जी बायोमीट्रिक हाजिरी भरती थीं। उन्होंने इस संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक से शिकायत की। उनकी शिकायत पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने ज्योति गोयल को प्रभारी प्रधानाचार्य पद से हटाकर रामप्रताप सिंह को प्रभार दिया है। साथ ही एडी बेसिक व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य की दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच रिपोर्ट देने को कहा। यह भी आरोप लगाया गया था कि पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य ने अपने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ मिलकर यह किया था। इसके पहले भी वह अनुपस्थित रहती थीं। जब वापस आती थीं तो एक साथ हस्ताक्षर बनाती थीं।
जुलाई में जब से बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य किया गया तो उनके सामने समस्या होने लगी। इस पर आरोप है कि उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का अंगूूठा भी अपने नाम के साथ स्कैन करा दिया। इससे जब वह रहती थीं तो अपनी हाजिरी भरती ही थीं। उनकी अनुपस्थिति में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी उनकी हाजिरी भर देता था। कई बार जब ऐसा हुआ तो लोगों को संदेह हुआ। शिकायत होने लगी तो पूर्व प्रभारी का प्रभार हटाकर रामप्रताप सिंह को प्रभार दिया गया और दो सदस्यीय जांच समिति बना दी गई। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जेडी को सौंपी। जेडी ने वह रिपोर्ट शिक्षा निदेशक को भेज दिया। उस रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए प्रवक्ता को निलंबित कर दिया गया।
जेडी वाराणसी होंगे जांच अधिकारी
मिर्जापुर। इस मामले की जांच के लिए अपर निदेशक राजकीय ने संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी को जांच अधिकारी बनाया है। साथ ही निलंबन की अवधि में प्रवक्ता को संयुक्त शिक्षा निदेशक मिर्जापुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने बताया कि निलंबन का आदेश आ चुका है।