शेरवां। भाईपुर कला एवं ककरही गांव में बृहस्पतिवार को मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से जिलाधिकारी रूबरू हुईं। उनकी समस्याओं से अवगत होते हुए कहा कि गांवों की पुरातन परंपरा विलुप्त हो रही है। डीएम ने कहा किसी न किसी मामले में हर गांव की अपनी अलग पहचान होती है। इसे संजो कर रखने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने कहा जब गांव का विकास होगा तभी देश का विकास होगा। उन्होंने गांव को माॅडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण के लिए हरे फलदार वृक्ष लगाने को कहा। इस दौरान जिलाधिकारी ने ककरही गांव में स्थित अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय परिसर में मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत पंचायत भवन भाईपुर कला एवं प्राथमिक विद्यालय ककरही के दीवारों पर बने गांव के ऐतिहासिक चित्रों एवं महापुरुषों के चित्रों का अवलोकन किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान ककरही अभिनव त्रिपाठी ने जिलाधिकारी का अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
ककरही गांव में पैदा होने वाले धान के चावल से काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी को राज भोग की जानकारी ली। ग्राम प्रधान अभिनव ने बताया कि कोलकाता के व्यवसायी गौरी शंकर गोयनका ने ककरही गांव में 44 बीघा भूमि खरीद कर काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को दिया है। ककरही ढेलवासपुर गौरी गांव से आए फरियादियों ने डीएम को पत्रक सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मामलों को सुनते हुए मातहतों को फरियादियों की समस्याओं को समय से निस्तारित करने को निर्देश दिया। गांव के समूह एवं आंगनवाड़ी द्वारा बनाए गए ब्यंजन को भी चखा।
ककरही भाईपुर कला गांव में ज्ञान गंगा पुस्तकालय का लोकार्पण भी किया। ककरही गांव में सामुदायिक शौचालय, सड़क, सरकारी जमीन से दबंगों द्वारा किए गए कब्जा को हटाने का निर्देश दिया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, डीपीआरओ कुरेंद्र पाल, डीसी मनरेगा मो. नफीस के अलावा ग्राम प्रधान अभिनव त्रिपाठी, राजेश कुमार, नागेश कुमार सिंह, शितेश द्विवेदी, पुनीत कुमार चतुर्वेदी, मनोज सिंह, शरण शंकर चतुर्वेदी, आशुतोष उपाध्याय, आलोक तिवारी, माखनलाल, रामभरोस, अस्पताली बियार, सलाउदीन, मो मजीद, संतोष लहरी, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।