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पूरी नहीं हैं घाटों पर डाला छठ की तैयारियां

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मिर्जापुर। धूमधाम से मनाए जाने वाले डाला छठ पर्व को कुछ ही दिन शेष हैं लेकिन नगर के घाटों पर तैयारियां अधूरी हैं। अभी भी कई घाटों पर सिल्ट जमी है। अपर जिलाधिकारी शिवप्रताप शुक्ल ने नगर के घाटों का निरीक्षण कर सफाई का निर्देश दिया है। इसके बाद अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता के नेतृत्व में गंगा घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। डाला छठ की पूजा अधिकतर गंगा तटों पर ही होती है। इसके लिए पहले से ही तैयारियां की जाती हैं। नगर पालिका की ओर से सिल्ट की सफाई, प्रकाश की व्यवस्था व अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जाते हैं लेकिन अभी तक अधिकांश काम पूरे नहीं हो सके हैं। कई घाटों पर कूड़े का ढेर गंगा के पानी में तैर रहा है। नगर के प्रमुख घाट पक्का घाट पर सिल्ट जमी है। समय पर पूरे काम नहीं होंगे तो गंदगी के बीच महिलाओं को पूजा करनी होगी। मंगलवार को अपर जिलाधिकारी शिवप्रताप शुक्ल ने घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने घाटों की सफाई कराने के साथ ही नगर में विचरण कर रहे छुट्टा पशुओं को पकड़वा कर गोआश्रय स्थल में भेजे जाने का निर्देश दिया। कहा कि सभी घाटों पर बुधवार तक व्यवस्था पूरी कराकर फोटोग्राफ के साथ उनको सूचित करें। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश किया कि वे इस पर त्वरित कार्रवाई कर सूचित करें। इसके बाद बुधवार को अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता के नेतृत्व में गंगा घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। विंध्याचल सहित नगर के बरियाघाट, सुंदरघाट, त्रिमोहानी, नारघाट और पक्केघाट पर जमी सिल्ट हटाई गई। पालिका के कर्मचारियों द्वारा स्वयं और पंप मशीन लगाकर सीढ़ियों पर जमी सिल्ट हटाई गई। इस मौके पर अधिशासी अधिकारी अंगद गुप्ता ने कहा की छठ पूजा के मद्देनजर घाटों पर जमी सिल्ट को हटाने का कार्य किया जा रहा है। घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और प्रकाश की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही घाट जाने वाले मार्गों पर चूने का छिड़काव, एंटी लार्वा और फॉगिंग कराने के लिये सफाई नायकों को निर्देशित किया गया है। घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य समय से पूर्व कराने को लेकर निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है। नगर के घाटों पर अभी गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा है। प्राय: इस समय तक गंगा का पानी काफी नीचे चला जाता था लेकिन इस बार यह स्थिति नहीं है। अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार पानी अधिक है। इसलिए बैरिकेडिंग लगाने की बात कही जा रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार जालीदार बैरिकेडिंग होनी चाहिए ताकि पूजा करने वाले सुरक्षित रहें। वहीं अभी घाटों पर अस्थायी रूप से महिलाओं के कपड़ा बदलने का स्थान व शेड नहीं बनाए गए हैं। कर निर्धारण अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि काम शुरू हो गया है। निर्देशानुसार पूरा किया जाएगा।
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