मिर्जापुर। एसओजी ने बनारस से एक व्यक्ति को रविवार को रंगदारी के मामले में उठाकर कछवां पुलिस को सौंप दिया। कछवां पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया। आरोपी को सोमवार को शाम को एसडीएम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कछवां पुलिस उसे फिर उठा ले गई। पुलिस उसे लेकर कछवां थाने में न जाकर बरकछा चौकी चली गई। इस बीच आरोपी की तबीयत खराब हो गई। उसे इलाज के लिए रात में मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस पर जमानत होने के बाद उठाकर ले जाने का आरोप लगाया है।
वाराणसी के जलालीपट्टी निवासी राकेश बिंद को मिर्जापुर एसओजी टीम रंगदारी के वायरल आडियो के मामले में रविवार को दोपहर में उठाकर कछवां थाने ले गई। कछवां पुलिस ने सोमवार की शाम आरोपी का चालान कर दिया। जमानत मिलने के बाद पुलिस आरोपी को उठा ले गई । इस बीच रास्ते में उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत बिगड़ने पर उसे बीएचयू रेफर कर दिया गया। सीओ सिटी मनोज गुप्ता अस्पताल पहुंचे। राकेश की पत्नी नम्रता बिंद का आरोप है कि चालान होने के बाद पुलिस पति को एसडीएम कोर्ट लेकर आई। जहां पति को जमानत दे दी गई। जमानत मिलने के बाद भी पुलिस छोड़ने के बजाय उठा ले गई। लगा कि पुलिस पति को कछवां थाने लेकर जाएगी। परिवार के लोग कछवां थाने पहुंचे। वहां पति नहीं थे। पुलिस उनको कछवां थान न ले जाकर बरकछा पुलिस चौकी लेकर चली गई। पति की तबीयत बिगड़ गई। पति को हार्ट अटैक आ गया। पति को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां से पति को बीएचयू रेफर कर दिया गया। पुलिस पति के साथ जबरदस्ती कर रही है। सीओ सदर मंजरी राव ने बताया कि रंगदारी मामले का ऑडियो वायरल हुआ था। इस मामले में आरोपी को थाने लाया गया था। उसका उसका चालान किया गया। उसके पट्टीदार कछवां के गड़ौली निवासी चंद्रेश कुमार ने दो लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए सोमवार को तहरीर दी। जिस पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज किया गया। चालान होने के बाद जमानत मिली तो पुलिस ने रंगदारी के मामले में दर्ज मुकदमे में उसे उठाया था।