मड़िहान। खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत गरीबों को वितरण करने वाला प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का सैकड़ों क्विंटल राशन नौ माह से कोटेदारों के गोदाम में पड़ा है। वितरण न होने से राशन चूहे का रहे हैं। राशन खराब होने को लेकर सार्वजनिक प्रणाली के दुकानदारों में चिंता है, जबकि गरीबी रेखा के नीचे के कार्डधारकों को राशन का इंतजार है।
कोरोना संक्रमण काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को प्रति माह दो बार प्रति यूनिट पांच किलो निःशुल्क राशन दिया जा रहा था। इस बीच नवंबर 2022 में नियम बदलकर वितरण व्यवस्था महीने में एक बार कर दी गई। राशन वितरण बंद होने से गरीब परिवारों के समक्ष समस्या पैदा हो गई है। मड़िहान तहसील क्षेत्र के पटेहरा ब्लाॅक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 54 दुकानें हैं। इसी तरह राजगढ़ विकास खंड क्षेत्र में सार्वजनिक प्रणाली की 44 दुकानों से गरीबों को राशन वितरित किया जाता है। कोरोना संक्रमण काल से निःशुल्क राशन का कुछ महीने तक तो वितरण किया गया, लेकिन नौ माह से योजना बंद है।
नवंबर 2022 में अधिकांश कोटेदारों के गोदाम तक खाद्यान्न भेज दिया गया था, उसी बीच राशन वितरित करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई। इसके चलते जिन कोटेदारों के यहां राशन पहुंच गया था, वह राशन उनके गोदामों में ही पड़ा हुआ है। कोटेदारों के गोदामों में रखे राशन को चूहे खा रहे हैं। कोटे के कुछ दुकानदारों ने बताया कि जगह के अभाव में निकासी का राशन बाहर रखना पड़ता है। इस संबंध में आपूर्ति निरीक्षक विकास कुमार सोनकर का कहना है कि आदेश आने पर राशन वितरित कराया जाएगा।