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कटान रोकने के लिए पिचिंग तो हो रहा, नहीं कराया जा रहा नाली का निर्माण

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गंगा कटान रोकने के लिए मोर्चा घर में चल रहा काम। - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। बरसात व बाढ़ के दिनों में गंगा घाटों के कटान से नगर को बचाने के लिए कार्य तो जोरों पर चल रहा है लेकिन गंगा में गिरते एक नाले से दूसरे नाले के मध्य जल निकासी की व्यवस्था न होने से पिचिंग कार्य के बावजूद शहर के कटान का खतरा बना हुआ है। इन दिनों 825.92 लाख रुपये की लागत से घोड़े शहीद बाबा, महावीर पार्क एवं फतहां सिंचाई कालोनी के समीप छह सौ मीटर लंबे वायर क्रेट में स्टोन बोल्डर पिचिंग से बैक प्रोटेक्शन का कार्य किया जा रहा है। लेकिन सड़क के किनारे घोड़े शहीद स्थित नाले से सीडीओ आवास व मल्हानी बस्ती स्थित गंगा में गिरते नाले के मध्य सड़क के किनारे नाले का निर्माण नहीं कराया गया है। जिससे बरसात के मौसम में पानी तेज बहाव के साथ गंगा में गिर रहा है। इससे अन्य स्थानों पर घाटों के कटान के साथ ही पिचिंग कार्य को भी खतरा बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो सिंचाई विभाग की ओर से भी जल निकासी की व्यवस्था कराए जाने के लिए कई बार नगर पालिका प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बुद्धजीवियों की मानें तो यदि घोड़े शहीद स्थित गंगा में गिर रहे नाले से लेकर सीडीओ आवास के मध्य व मल्हानी बस्ती स्थित गंगा में गिर रहे नाले के बीच सड़क के किनारे नाले का निर्माण कराकर एक दूसरे से जोड़ दिए जाएं तो समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। एमसीडी के अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि नगर में गंगा से सटे इलाको में जल निस्तारण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। बरसात के अलावा घरो से गंगा की ओर बहते पानी से पिचिंग बैठने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन को पत्र भी भेजा गया था पर अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है।
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