फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: प्रचंड गर्मी में बिजली कटौती से लोग परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिले में दो-तीन दिन से अघोषित कटौती का सिलसिला तेज हो गया है। इसके चलते प्रचंड गर्मी में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मंडल मुख्यालय पर ही शनिवार को कई घंटे की कटौती की गई।
विज्ञापन

जिले में आमतौर पर बिजली की आपूर्ति सामान्य थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिन में बिजली कटौती का सिलसिला तेज हो गया है। पहले सामान्य दिनों में 120 मिलियन यूनिट प्रतिमाह बिजली की खपत होती थी, लेकिन गर्मी के लिए 145 मिलियन यूनिट की व्यवस्था कर ली गई है। यह व्यवस्था भी किसी के काम नहीं आ रही है। शनिवार को सखौरा फीडर से आपूर्ति बंद रहा। इसके चलते इस फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को इस प्रचंड गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, विभाग के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि केबल ध्वस्त हो गया था। इसके चलते आपूर्ति बाधित हुई।
उधर, नगर के फतहा से जमुनहिया, मोर्चाघर से संकटमोचन, तरकापुर और जोगिया बारी से पक्का पोखरा की विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। इसके अलावा बिहारी फीडर से भी आपूर्ति बंद रही। कटौती से परेशान लोग दिन में तेज धूप होने के करण न तो घर में रह पा रहे थे और न ही बाहर निकल पा रहे थे। विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता राम बुझारत का कहना है कि विद्युत आपूर्ति सामान्य है। कभी-कभी अप्रत्याशित परिस्थितियों से समस्या पैदा हो जाती है।
विज्ञापन

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। जिले की सभी चार तहसील क्षेत्रों में कटौती हो रही है। तहसील मुख्यालयाें पर तो स्थिति कुछ बेहतर है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति खराब है। चुनार नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 16 -17 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है, जबकि 20 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। पेयजल आपूर्ति के समय बिजली कटौती होने से लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था पूर्ण रूप से बिजली पर आधारित है। बिजली कटौती होने पर जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा जा रही है। आपूर्ति के दौरान दिन भर में दो-तीन बार कटौती हो रही है। जिम्मेदार अधिकारियों से कटौती का कारण पूछे जाने पर तकनीकी खराबी अथवा कोई अन्य कारण बता दिया जाता है।
विद्युत निगम के अवर अभियंता प्रमोद सिन्हा का कहना है कि सुबह एक घंटे व दोपहर के समय डेढ़ से दो घंटे की कटौती का शिड्यूल निर्धारित है। विषम परिस्थितियों में कटौती बीच में भी की जाती है। उधर, मड़िहान क्षेत्र में जर्जर तारों की स्पार्किंग व शट डाउन से बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है। अघोषित कटौती से दिन में ग्रामीणों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का आदेश है। इसके बावजूद दिन में बार-बार कटौती से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। जर्जर तारों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। तार टूटने से किसानों की फसलों को क्षति पहुंचती है। पीड़ित किसान तहसील से लेकर मंडी समिति के कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हो रहे हैं। बिजली कटौती के कारण सबसे अधिक समस्या पेयजल की हो रही है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। उधर, लालगंज क्षेत्र के सभी विद्युत फीडरों से 18 घंटे आपूर्ति का मानक बनाया गया है। लेकिन मौसम बदलने और तेज हवाओं के चलते ब्रेक डाउन लेना पड़ता है। इस संबंध में अवर अभियंता अभिषेक मौर्य का कहना है कि क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, लेकिन गर्मी के मौसम में तेज हवा के कारण कभी-कभी ब्रेकडाउन लेना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें