जिला प्रशासन की लाख कवायद के बाद भी नाव में ओवरलोड सवारियाें के बैठाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। नगर के कचहरी घाट, नारघाट, सुंदरघाट सहित कई अन्य घाटों से नावों का संचालन किया जाता है। इस पार से उस पार जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्रियाें का आवागमन बना रहता है, बावजूद इसके नाव में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर उनकी जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस नाविकों की इस मनमानी को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई भी नहीं की जा रही है।