मिर्जापुर। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के जल के प्रमुख स्रोत टांडा जलाशय में मात्र एक फीट पानी ही बचा है। इससे नीचे जाने पर कीचड़ व मिट्टी मिलेगी। इसलिए अब इनटेक वेल के शोधित जल की नगर क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी। इस पानी का शोधन कर इसकी जांच कराई जा रही है। एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट आने के बाद इसकी आपूर्ति टांडा जलाशय की आपूर्ति वाले क्षेत्रों में पहले की जाएगी।
नगर के सात वार्डों, चंद्रदीपा, उत्तरी सबरी, दक्षिणी सबरी, गणेशगंज, मुकेरी बाजार, मकरी खोह आदि क्षेत्रों में पानी के लिए कनेक्शन लेने वाले 8000 से 9000 घरों को टांडा जलाशय से जलापूर्ति की जाती है। इस समय टांडा जलाशय में पानी की कमी हो गई है। लगभग एक फीट पानी ही बचा रह गया है। इसलिए नगर पालिका की प्राथमिकता इस क्षेत्र के लोगों को पानी उपलब्ध कराना है। पानी के जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट यदि संतोषजनक होती है तो अमृत योजना के तहत बने इनटेक वेल के पानी को पहले इन क्षेत्रों में दिया जाएगा। जलकल अभियंता सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट आते ही संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
उधर, प्रचंड गर्मी को देखते हुए पहले टांडा जलाशय से आपूर्ति वाले क्षेत्रों को शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाएगा। उसके बाद ही आरओ वाटर के लिए जिन घरों को कनेक्शन दिया गया है, उन घरों को जलापूर्ति की जाएगी। जल निगम ने सर्वे के माध्यम से 9000 घरों को जलापूर्ति के लिए कनेक्शन देने की बात कही है। इस समय इनटेक वेल से पानी लालडिग्गी वाले संयंत्र में पहुंच चुका है। उसका शोधन की प्रक्रिया चल रही है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
नगर पालिका परिषद के 38 वार्डों में इस समय पेयजल की वास्तविक मांग लगभग 38 एमएलडी है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए अमृत योजना के तहत शास्त्री सेतु के पास इनटेक वेल बनाया गया है। यहां चार पंपों के माध्यम से गंगा से जल लेकर इसे शोधन के लिए जल शोधन संयंत्र भेजा जा रहा है। वहां शोधित जल को लालडिग्गी स्थित 60 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र भेजा गया है। वहां से अमृत योजना के तहत बने पांच ओवरहेड टैंकों में भेजकर नगर की करीब ढाई लाख आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। कुल 193 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत योजना के तहत 210 किमी दूरी तक जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाई गई है। योजना के तहत अलग-अलग क्षमता के ओवरहेड टैंक पांच स्थानों पर बनाए गए हैं। इनमें विंध्याचल में 1350 किलोलीटर, आवास विकास कालोनी में 2250 किलोलीटर, जान्हवी होटल के पास 2100 किलोलीटर, घुरहूपट्टी में 1100 किलोलीटर व मंडी परिषद में 1350 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक शामिल हैं।