मिर्जापुर। महिलाओं की सुविधा के बाजार और सार्वजनिक जगहों पर पिंक टॉयलट बनाने की योजना को प्रशासन धरातल पर नहीं उतार सका। शहर में 15 पिंक शौचालय बनाने की योजना मंजूर हुई थी। इनमें किसी तरह पांच शौचालय बनाए लेकिन उन पर भी ताला लटका रहता है। इससे घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं की सुरक्षित टाॅयलेट की समस्या बरकरार है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत महिलाओं के लिए शहर में 15 जगहों पर पिंक टॉयलेट बनाने की योजना थी लेकिन प्रशासन सिर्फ के चार स्थानों पर ही निर्माण करा सका है। साथ ही जिन पार्कों का सुंदरीकरण किया गया है, वहां पर भी पिंक शौचालय नहीं बन सके हैं। नारघाट, संगमोहाल, रोडवेज व घंटाघर में 3.92 लाख रुपये की लागत से दो सीटर पिंक शौचालय का निर्माण कराया गया है। त्रिमोहानी में एक सीटर शौचालय बनाया गया है। 15 में से किसी तरह पांच शौचालय प्रशासन बनवा सका लेकिन वह भी अक्सर बंद रहते हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से रोज आने वाली हजारों महिलाओं को टॉयलेज की समस्या से जूझना पड़ता है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि पिंक शौचालय में सेनेटरी नैपकिन और स्नानागार की व्यवस्था की गई है। अगम फाउंडेशन इन शौचालयों का रखरखाव कर रहा है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक संजय सिंह का कहना है कि सभी पिंक शौचालय खुल रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी का कहना है कि नारघाट और रोडवेज के पिंक शौचालय की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। नगर में जगहों पर पिंक शौचालय के लिए जमीन नहीं मिल रही है, जिससे निर्माण नहीं कराया जा सका। शहर के रतनगंज, गुड़हट्टी, मुकेरी बाजार, फतहां, वासलीगंज, इमामबाड़ा, सबरी के अलावा प्रमुख पार्कों के पास पिंक शौचालय का निर्माण कराना था लेकिन ज्यादातर जगहों पर भूमि उपलब्ध नहीं हो गई।