सीखड़। बगहा गांव में बनाए गए अमृत सरोवर में एक साल गुजर जाने के बावजूद एक बूंद पानी नहीं है। निर्माण में ग्राम पंचायत की ओर से अबतक लगभग सात लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। न तो तालाब के किनारे कोई हरियाली नजर आ रही है और न कोई सुविधा। ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा योजना के तहत 14 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अभी तक मात्र चार अमृत सरोवर का ही निर्माण कराया गया है। बगहा ग्राम सभा में दो अमृत सरोवर बनाया गया है। अमृत सरोवर के निर्माण के साथ-साथ किनारों पर पौधारोपण किया जाना था। ग्राम पंचायत से तालाब के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी स्थिति जस की तस है। तालाब में न तो पानी है और न तालाब के चारों तरफ पौधरोपण ही किया गया है। खंड विकास अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अमृत सरोवर में पानी छोड़े जाने का कोई आदेश नहीं है। अमृत सरोवर के निर्माण के पहले उक्त तालाबों में ग्राम प्रधानों द्वारा पानी की व्यवस्था की जाती थी। जिससे गर्मी के दिनों में पशु पक्षियों को पीने के पानी की कमी न हो।