सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि सहकारी बकायेदारों की वसूली के लिए एक मुश्त समझौता योजना 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा बकायेदार इस योजना का लाभ उठाते हुए भविष्य में वसूली से संबंधित होने वाली किसी भी परेशानी से बच सकते हैं। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विपीन कुमार सिंह ने बताया कि 31 मार्च 1997 के पूर्व के बकायेदारों को केवल मूलधन ही जमा करना होगा। एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2012 तक बकायेदारों को मूलधन एवं उसके बराबर ब्याज जमा करना होगा। इसी तरह एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 तक के बकायेदारों से मूलधन एवं कुल ब्याज का 50 प्रतिशत ही जमा करना होगा। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि समस्त जमा धनराशि पर मात्र पांच प्रतिशत संग्रह शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने बकायेदारों से निर्धारित समय सीमा के अंदर धनराशि जमा कर लाभ उठाने का अनुरोध किया।