फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: पौष पूर्णिमा पर एक लाख लोगों ने किया मां विंध्यवासिनी का दर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
विंध्याचल। पौष पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को मां विंध्यवासिनी का दरबार श्रद्धालुओं से पटा रहा। मंगला आरती के पश्चात भोर से शुरू हुए दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक चला। एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने कालीखोह में विराजमान मां काली और अष्टभुजा देवी का भी दर्शन-पूजन किया। गंगा घाटों पर भी स्नानार्थियों की भीड़ रही।
विज्ञापन

गंगा घाटों पर भोर से ही स्नान के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच पक्काघाट, नारघाट, संकठाघाट, बरियाघाट सहित अन्य स्थानों पर लोग स्नान-दान कर पुण्य के भागी बने। बरियाघाट पर स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने श्री पंचमुखी महादेव मंदिर, श्री ताड़केश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा चढ़ाकर जलाभिषेक किया। सत्ती रोड स्थित बूढ़ेनाथ मंदिर में भी पहुंचकर श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पौष पूर्णिमा पर लोगों ने विभिन्न गंगाघाटों पर पहुंचकर स्नान-दान किया। उधर, दीवान घाट, पक्का घाट सहित अन्य घाटों पर स्नान और दान के पश्चात श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मंदिर में पहुंचने लगे। मंगला आरती से पहले ही गर्भगृह की ओर जाने वाले विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालु कतारबद्ध हो गए। शृंगार और आरती के पश्चात मंदिर का कपाट खुलते ही माता के जयकारे के साथ श्रद्धालु दर्शन के लिए टूट पड़े। किसी ने गर्भगृह तो किसी ने झांकी से मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया।दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर की छत पर लोगों ने विधिवत पूजन-अनुष्ठान के साथ ही बच्चों का जनेऊ और मुंडन संस्कार भी कराया। अधिकांश श्रद्धालुओं ने कालीखोह पहुंचकर माता काली और अष्टभुजा देवी का भी दर्शन-पूजन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें