मिर्जापुर। संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में फिटनेस के बगैर चलने वाले स्कूल बसों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्कूलों में अचानक पहुंचकर बसों के फिटनेस की जांच करें। ताकि स्कूल प्रबंधन फिटनेस के बगैर बसों का संचालन न कर सकें। बैठक में ओवरलोड चलाने पर 53 ट्रकों का परमिट निरस्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही 20 बसों को परमिट जारी करने का भी निर्णय लिया गया।
पथरहिया स्थित आयुक्त कार्यालय के सभागार में बुधवार को आयोजित प्राधिकरण की बैठक में 20 बसों के संचालन के बाबत परमिट के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों को सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई। ओवरलोड चलने वाले 53 ट्रकों का परमिट निरस्त करने का निर्णय लिया गया। गैर राष्ट्रीयकृत मार्गों पर बसों के संचालन के लिए आए आवेदन पत्रों के संबंध में मंडलायुक्त ने अधिकारियों को संबंधित मार्गों का सर्वे कर जांच रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रवर्तन की कार्रवाई के दौरान जांच में अनफिट मिले 52 बसों का पंजीकरण तथा परमिट निरस्त करने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी दशा में विद्यालय प्रबंधन बगैर फिटनेस के बसों का संचालन न करने पाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों में अचानक पहुंचकर बसों की जांच करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने ओवरलोड चलने वाले ट्रकों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रकें एक या दो बार पकड़े जाने के बाद ओवरलोड में फिर से पकड़ी जाएं तो उनका परमिट निरस्त कर सीज करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे जिलों में पंजीकृत ट्रकें अगर अपने जिले में ओवरलोड परिवहन में पकड़ी जाएं तो उनका परमिट व लाइसेंस निरस्त करने के लिए संबंधित जिले के अधिकारियों से उचित माध्यम से पत्राचार किया जाना चाहिए।