मिर्जापुर। मंडलीय कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक मो. आसिफ इकबाल को संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने बर्खास्त कर दिया है। मो.आसिफ लगातार दो साल से अनुपस्थित चल रहे थे।
मो आसिफ इकबाल का उपार्जित अवकाश प्रार्थना पत्र 29 नवंबर 2021 को ई-मेल के माध्यम से संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में प्राप्त हुआ था। उनके प्रार्थना पत्र को अस्वीकृत कर उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप से इसकी जानकारी दी गई। उसके बाद संपर्क नहीं हो पाने पर उनकी सेवा पुस्तिका में लिखे पते पर पंजीकृत डाक से सूचना भेजी गई, लेकिन डाक विभाग ने उस पर यह लिखकर कि बार-बार घर जाने पर प्राप्तकर्ता के घर पर ताला लगा मिला तो वापस कर दिया। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय ने उनके दो मोबाइल फोन नंबरों पर फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। उनकी पत्नी का भी मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद कार्यालय के कर्मचारी को उनके पते पर भेजा गया, लेकिन उसको भी मो. आसिफ नहीं मिलें। मकान में रह रहे उनके भाई मो. तारिख इकबाल ने बताया कि वो अब यहां नहीं रहते हैं। उन्होंने मो. आसिफ का कई मोबाइल फोन नंबर बताया, जिस पर कार्यालय ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सारे नंबर बंद मिले। इस पर 11 फरवरी 2022 को उनको निलंबित कर दिया गया। मंडलीय उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक को जांच के लिए नामित किया गया। निलंबन की अवधि में भी वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद भी कई बार प्रयास के बावजूद जब वे नहीं मिले तो उनकाे बर्खास्त कर दिया गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने बताया कि कनिष्ठ सहायक को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे उपस्थित ही नहीं हुए। इसलिए उनको विभागीय नियमों के आधार पर बर्खास्त कर दिया गया है।