मिर्जापुर। जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में नहीं आने तथा प्रगति खराब मिलने पर कोटक महेंद्र बैंक के प्रबंधक को जिलाधिकारी ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने 31 मार्च से 30 जून तक जमा ऋण अनुपात में कम प्रगति वाले बैंकों के प्रबंधकों को प्रगति में सुधार लाने की हिदायत भी दी है।
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने वार्षिक ऋण योजना 2023-24 की समीक्षा की। इस दौरान प्रगति कम होने संबंधित बैंकों के प्रबंधकों को इसमें सुधार की हिदायत दी। वार्षिक ऋण योजना की 2023-24 की समीक्षा के दौरान कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंधक बैठक में नहीं दिखे। बैठक में नहीं आने तथा प्रगति खराब होने पर जिलाधिकारी ने बैंक प्रबंधक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।बैठक के दौरान बताया गया कि जिले में 22 बैंकों की 206 शाखाओं में से 137 ग्रामीण, 22 अर्द्ध शहरी एवं 47 शहरी क्षेत्र में हैं। वाणिज्यिक बैंकों की 131 शाखाएं, ग्रामीण बैंक की 56 शाखाएं, जिला सहकारी बैंक की 16 एवं यूपीएसजीवी की तीन शाखाएं हैं। जून तक कुल जमा 11067.95 करोड़ तथा कुल ऋण 5677.72 करोड़ है। बैंकों का औसत ऋण जमा अनुपात 51.30 प्रतिशत है। व्यावसायिक बैंकों का औसत ऋण जमा अनुपात 42.70 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने कैनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, जिला सहकारी बैंक, कोटक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक का ऋण जमा अनुपात 40 प्रतिशत से कम मिलने पर इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ विशाल कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग विरेंद्र कुमार, लीड बैंक प्रबंधक आदि मौजूद रहे।