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Mirzapur News: घरों में कनेक्शन दिए जाने के बाद भी जलापूर्ति नहीं, लोग परेशान

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मिर्जापुर। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना हस्तांतरित होने से पहले दम तोड़ने लगी है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में बने ओवरहेड टैंक मात्र शो पीस बने हुए हैं। कहीं बिजली के अभाव में तो कई जगह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ जगह ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित होने से पहले ही ओवरहेड टैंक के जरिए जलापूर्ति की योजना दम तोड़ रही है। कई स्थानों पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते ओवरहेड टैंक से छोड़ा गया पानी व्यर्थ में इधर-उधर बह जा रहा है।
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जल जीवन मिशन के तहत जिले में कुल 318 ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। अब तक प्रस्तावित 349049 में से 322252 घरों को कनेक्शन दिए गए हैं। सिटी ब्लाॅक में 51 ओवरहेड टैंकों के माध्यम से 3405, छानबे में 48 ओवरहेड टैंकों से 33787, कोन में 24 ओवरहेड टैंकों से 21652, मझवां में 28 ओवरहेड टैंकों से 19620 घरों से जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए गए हैं। इसी तरह पहाड़ी ब्लॉक में 16 ओवरहेड टैंकों से जलापूर्ति के लिए 18523, सीखड़ में 21 ओवरहेड टैंकों से 12354, नरायनपुर में 35 ओवरहेड टैंकों से 32529, जमालपुर में 18 ओवरहेड टैंकों से 38541, लालगंज में 25 ओवरहेड टैंकों से 21439, हलिया में 25 ओवरहेड टैंकों से 31595, पटेहरा कला में 13 ओवरहेड टैंकों से 20492 व राजगढ़ बने 14 ओवरहेड टैंकों से 37783 घरों को जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए गए हैं।
सिटी विकास खंड के खजुरी में कभी-कभार सुबह जलापूर्ति तो की जाती है, लेकिन जब तक लोग बाल्टी लेकर नल तक पहुंचते हैं, उससे पहले ही पानी बंद हो जाता है। हरिहरपुर बेदौली, अनंतरामपट्टी, चेरुईराम, दुल्हपुर, रायपुर पोख्ता सहित अन्य ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। लालगंज ब्लॉक में मरम्मत के चक्कर में हर घर नल योजना उलझ कर रह गई है। जलापूर्ति के लिए खाली बार-बार ट्रायल किया जा रहा है, लेकिन कमियां दूर नहीं हो पा रही हैं। कार्यदायी संस्था की तरफ से रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं। इससे गांव के रास्ते से गुजरना मुश्किल हो रहा है। हलिया, मतवार, रामपुर, नौडीहा, नदना, मतवरिया आदि गांवों में भी कार्य बाधित है। कुल 149 गांवों की तुलना में अब तक कुछ में ही ट्रायल के तौर पर जलापूर्ति की जा रही है। अब भी कई घर कनेक्शन से वंचित हैं। पटपरा गांव निवासी अवधराज सिंह का कहना है कि घर के पास चौराहे से पाइप को नहीं जोड़ा गया है। इसके चलते गांव में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।
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गजरिया के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गोविंद प्रसाद गौड़ का कहना है कि इस योजना के तहत गांव में आधे-अधूरे कार्य कराए गए हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोरावर क्षेत्र के तीता, गौरवा, बरया, बेउगना, फुलियारी पोखरा, मुडपेली, देवरी बाजार आदि गांवों में आधे-अधूरे कार्य हुए हैं। कई बस्तियों के लोग अब भी इस योजना से लाभान्वित होने से वंचित हैं। सोनगढ़ा गांव स्थित ओवरहेड टैंक से एक वर्ष से जलापूर्ति नहीं हो रही है। जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि जिले में 318 ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। अधिकांश विकास खंडों में ओवरहेड टैंकों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू भी कर दी गई है। कुछ स्थानों पर ट्रायल के तौर पर जलापूर्ति की जा रही है। कमियां सामने आने पर उसे दूर कराकर ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिए जाएंगे।
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