पटेहरा। संतनगर थाना क्षेत्र के पथरौर गांव के ढूढका बस्ती में दो साल से बिजली न होने के बाद भी विद्युत निगम ने एक किसान को 58 हजार 360 रुपये का बिल भेज दिया है। किसान बिजली बिल को लेकर परेशान है।
किसान विजय कुमार ने बताया कि मझारी से ढूढका के लिए उनके खेत से होकर बिजली आपूर्ति की गई थी। उन्होंने भी कृषि कनेक्शन लिया था। लगभग दो वर्ष पहले आंधी के कारण ढूढका बस्ती में बिजील आपूर्ति के लिए लगाए गए कई पोल टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विजय कुमार का आरोप है कि इन दो वर्षों के कई बार विभागीय कार्यालय में टूटे पोल को ठीक कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए गए, परंतु विभाग ने टूटे हुए पोल और तार को ठीक करने के बजाय उनके नाम से बीते 10 दिसंबर को 58 हजार 360 रुपये का बिजली बिल भेज दिया। उन्होंने यह आरोप भी है कि करीब आठ माह पहले उन्होंने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की थी। उसके बाद विद्युत निगम की तरफ से इस तरह का बिल भेजा गया है। उधर, बस्ती के विजय, लाले, बुधई समेत कई अन्य लोगों ने बताया कि दो साल से छोटी सोलर लाइट खरीदकर किसी तरह वे लोग गुजर बसर कर रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से बस्ती में पेयजल और सिंचाई का भी संकट पैदा हो गया है। काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बिल में सुधार कर टूटे हुए पोल व तार को ठीक नहीं किया गया तो धरने पर बैठने के लिए विवश होंगे। विद्युत निगम के अवर अभियंता जय शंकर प्रसाद ने बताया कि जहां पोल टूटे हैं वहां पत्थर होने के कारण ठेकेदार पोल गाड़ने में आनाकानी कर रहे हैं। ग्रामीण गड्डा खोद दें तो विभाग से लाइनमैन भेजकर पोल खड़ा करवा देंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि जिसका बिजली बिल गड़बड़ है, वह बिल संशोधित कराकर जमा करा दें। इस समय छूट भी चल रहा है।