मिर्जापुर। गर्मी और लू के बीच डिहाइड्रेशन, फूड प्वाइजनिंग, उल्टी और हाई फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य ने मंडलीय अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 145 बेड के अस्पताल में 43 बेड का नया वार्ड बनाकर वहां मरीजों को भर्ती करना शुरू करा दिया है। ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को बेड खाली नहीं मिलने पर दूसरी जगह न जाना पड़े।
इस समय इमरजेंसी से लगायत ओपीडी तक में बुखार, डिहाइड्रेशन, उल्टी आदि बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन बीमारियों से पीड़ित करीब 100 मरीज प्रतिदिन अस्पताल आ रहे हैं। इनमें 20 से 25 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। मंडलीय अस्पताल में 155 बेड हैं और यहां लगभग 225 बेडों पर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 145 बेड के अस्पताल में 43 बेड का नया वार्ड बनाया गया है। इसमें इस समय आने वाले बीमार मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। किसी भी मरीज को दूसरी जगह नहीं जाने दिया जाएगा। उनको भर्ती कर उपचार किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।
सहायक आचार्य डाॅ. प्रशांत त्रिपाठी को इमरजेंसी के मेडिसिन का प्रभारी बनाया गया है। वार्ड में दो डाॅक्टर, छह स्टाफ नर्स, दो वार्ड ब्वाय, सफाईकर्मी की तैनाती कर दी गई है। एक चक्र में दो डाॅक्टर व दो स्टाफ नर्स मौजूद रहेंगे। इनमें एक सीनियर और एक जूनियर डाॅक्टर होंगे। दो डाॅक्टर और दो स्टाफ नर्स रिलीवर के रूप में रहेंगे। प्राचार्य आरबी कमल ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर से पसीना अधिक निकल रहा है। उन्होंने लोगों को सुझाव दिया कि बीमारी की चपेट में आने से बचने के लिए नीबू, चीनी और नमक का घोल बनाकर लगातार पीते रहें।
उधर, मंडलीय अस्पताल के बच्चा वार्ड में 27 बेड थे। इसमें रविवार को करीब 70 मरीज भर्ती थे। एक बेड पर दो से तीन बच्चे भर्ती थे। वहां एसी लगने के बाद तापमान मेंटेन हो गया है। इसके साथ ही यहां मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 10 बेड और बढ़ा दिए गए हैं। ताकि बीमार बच्चोें को भर्ती करने में असुविधा न हो।