किला घाट पर सोमवार को गंगा में डूबे मछुआरे की तलाश के लिए पांचवें दिन शुक्रवार को भी एनडीआरएफ की 10 सदस्यीय टीम ने अभियान चलाया। मछुआरा राधे मांझी (40) निवासी बालूघाट पांच दिन पूर्व पड़ोस के ही दो अन्य साथियों के साथ मछली मारने के लिए किला घाट पर गया था। वह डूबकी लगाकर दो बार मछली पकड़ चुका था। लेकिन तीसरी बार उसने डुबकी लगाई तो ऊपर नहीं आ सका। हालांकि राधे मांझी प्रसिद्ध गोताखोर था। उसका सगा भाई बबुई मांझी भी अच्छा गोताखोर है। जब भी गंगा में कोई डूबता तो पुलिस प्रशासन इन दोनों भाइयों को तलाश के लिए लगाती थी। लेकिन सोमवार को वह गंगा की लहरों से पार नहीं पा सका। अब तक उसकी तलाश में निराशा ही हाथ लगी है।