मिर्जापुर। एक महीने में मां विंध्यवासिनी का सिंहासन स्वर्ण मंडित हो जाएगा। सिंहासन में लगाने के लिए स्वर्ण मंडित नए खंभे तथा अन्य सामान आ गए हैं। करोड़ों की लागत से तैयार सामान जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रशासन ने उसे सुरक्षित डबल लॉक में रखवा दिया है। लोकसभा चुनाव बाद इसे लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
मां विंध्यवासिनी में गहरी आस्था रखने वाले तमाम भक्त अक्सर अपनी श्रद्धा, आस्था और क्षमता के अनुरूप दान देते रहते हैं। इसमें से कई लोगों की सामग्री मंदिर के विकास से जुड़ी होती है। भदोही के एक उद्यमी संजय सिंह ने दो माह पहले गर्भगृह को स्वर्ण मंडित कराने का प्रस्ताव दिया था। लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य का सोना और चांदी देने की इच्छा जताई थी। बाद में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय पर हुई विंध्य विकास परिषद की बैठक में गर्भगृह में स्वर्ण और चांदी जड़ने का निर्णय लिया गया। मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में सिंहासन तता आसपास चार किलो सोना लगाने के अलावा 40 से 50 किलो चांदी से दीवार सजाने का कार्य शुरू हुआ। सिंहासन और आसपास सोने की चादर और खंभों पर चांदी लगाई जानी थी। दर्शन-पूजन प्रभावित न हो, इसलिए सामान बाहर से बनवाकर लाने और गर्भगृह में लगाने का निर्णय लिया गया। हाल ही में सिंहासन में लगाने के लिए खंभे तथा अन्य सामान बनकर आए हैं। जिला प्रशासन से इसे लगाने का अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चलने और भक्तों के दर्शन-पूजन में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसलिए इसे लगाने का काम जून के पहले सप्ताह में शुरू होगा। तब तक के लिए पूरी सामग्री सुरक्षित डबल लॉक में रखवा दी गई है।