बाइक पर चालक के अलावा पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है, परंतु जिले में अधिकांश लोग हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। बाइक पर पीछे बैठने वालों में तो कोई भी इस नियम का पालन करते नहीं दिख रहा है।
हेलमेट नहीं लगाने के कारण सड़क हादसों में सिर में चोट लगने से बाइक सवार की जान खतरे में पड़ जाती है। दुर्घटनाओं में खतरे को देखते हुए बाइक सवारों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया गया है। उधर, समय-समय पर चलाए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों के कारण हेलमेट लगाने वालों की संख्या तो बढ़ी है, परंतु अधिकांश लोग अभी भी हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जबकि बाइक पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट लगाना अनिवार्य किया गया है। मंगलवार को जिले की ुछ सड़कों पर कुछ बाइक सवार हेलमेट लगाए हुए दिखाई दिए, परंतु प्रमुख मार्गों पर अधिकांश लोग बगैर हेलमेट के आवागमन करते दिखे। वाहन चलाने वाले के अलावा पीछे बैठे लोग भी हेलमेट नहीं पहने दिखे। नगर के रमईपट्टी, तहसील और कचहरी तिराहा व चौराहा पर आते-जाते बाइक सवारों में से कुछ ही लोग हेलमेट लगाए दिखे। इसमें भी बाइक पर पीछे बैठने वाला कोई भी व्यक्ति हेलमेट लगाए हुए नहीं दिखाई दिया। सीओ सिटी प्रभात राय का कहना है कि हेलमेट लगाकर चलने पर हादसा होने की स्थिति में सिर सुरक्षित रहता है। हेलमेट लगाने पर हादसों में जान जाने का खतरा नहीं रहता है। लोगों को हेलमेट लगाना चाहिए। हेलमेट लगाने के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही बगैर हेलमेट के चलने वालों के वाहनों का चालान किया जाएगा।