रमजान के पहले जुमे पर मस्जिदें नमाजियों से भरी रहीं। समय से पहले ही नमाजी मस्जिद में पहुंचे। नमाज से पहले हुई तकरीर में इमाम ने लोगों को रमजान की अहमियत बताई। नमाज मुकम्मल होने पर मुल्क की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। शुक्रवार को नगर की गंगाबाई की मस्जिद, शीशे वाली मस्जिद, नारघाट, मुसफ्फरगंज, त्रिमोहानी व कचहरी के पास स्थित मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ भाड़ रही। इमामबाड़ा मस्जिद में छोटे- छोटे बच्चे भी अपने परिजनों के साथ नमाज के लिए पहुंचे। मस्जिदों में नमाज से पहले इमाम ने रोजेदारों को रोजे की अहमियत बताई। कहा कि इस पाक महीने में अल्लाह तआला नफ्ल का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का सवाब 70 गुना बढ़ कर देता है। ऐेसs में हमें चाहिए कि रमजानुल मुबारक में इबादत को कसरत के साथ अदा किया जाए। रोजे रखकर कोई ऐसा काम न हो जो गुनाह का सबब बने। लिहाजा रोजे की कद्र करें और अल्लाह को राजी करने में कोई कसर न छोड़ें।नमाज के बाद इमाम ने दुआ में मुल्क की तरक्की और खुशहाली के साथ ही लोगों की सेहत और रोजी रोजगार की दुआ भी की। नमाज पढ़ कर मस्जिद से निकल रहे लोगों ने बाहर खड़े गरीब और बेसहार लोगों को दान पुण्य किया। उधर, घर नमाज अदा कर घर जा रहे लोगों ने बाजार से सहरी और इफ्तार के लिए सामान भी खरीदे।