मिर्जापुर। अब मोहल्ला समितियों के जरिए कूड़े के निपटारे की समस्या को दूर किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत समितियों को बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जबकि सफाई के लिए संसाधन नगर पालिका उपलब्ध कराएगी और सफाईकर्मियों को भुगतान समिति कराएगी। नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों व गलियों पर पड़े कूड़ों के निपटारे की बड़ी समस्या है। इसके लिए कई उपाय किए गए लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अब नागरिकों को ही उनकी मोहल्ला समिति के माध्यम से इस समस्या का हल निकालने के लिए आगे किया गया है। इसमें एक वार्ड में नागरिकों की एक समिति बनायी जाएगी। यह समिति कूड़ा सफाई व उसके उठान की मानिटरिंग करेगी। मोहल्ले के नागरिक नियत समय पर सफाई कराएंगे और कूड़ों का उठान भी कराएंगे। वह यह भी तय करेंगे कि एक समय के बाद कोई नागरिक अपने घरों से कूड़ा तय समय के बाद न फेंके। इस प्रयोग के जरिए स्थानीय नागरिकों के रहने से सफाई पर विशेष प्रभाव पड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में इससे नगर और भी साफ-सुथरा हो सकता है। मालूम हो कि पूरे नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 42 टन कूड़ा निकलता है। सफाई के लिए पूरे संसाधन नगर पालिका परिषद मुहैया कराएगी। सफाई कर्मियों को पारिश्रमिक समिति ही देगी। इसके लिए वह नागरिकों से निर्धारित शुल्क की वसूली भी करेगी। हालांकि हाथ गाड़ी से लेकर ट्रैक्टर ट्राली व अन्य उपकरण समिति को नगर पालिका ही उपलब्ध कराएगी। अभी तक 12 समितियों का खाका तैयार कर लिया गया है। एकाध सप्ताह में उसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में इस समय 38 वार्ड हैं। इन सभी में धीरे- धीरे इन समितियों को बनाकर सक्रिय किया जाएगा। है कि नहीं। -आशुतोष