ग्रामीणों के अनुसार डॉ. सियाराम पटेल की दूसरी शादी अर्चना सिंह पुत्री राम अधार सिंह निवासी नीबी देवरिया के साथ सन 2001 में हुई है।शादी के कुछ वर्ष बाद पत्नी अर्चना ने भरण पोषण न मिलने पर परिवार न्यायालय मिर्जापुर में वाद दाखिल किया। जिसमें 13 अप्रैल 2018 को न्यायालय ने भरण पोषण के लिए 3 लाख, 82हजार, 5सौ रुपए उनके पति को देने के लिए आदेशित किया।भरण पोषण न मिलने पर परिवार न्यायालय के आदेश पर कुछ दिन बाद तत्कालीन उप जिलाधिकारी चुनार द्वारा 13 मंजिले इमारत को कुर्क के साथ जब्त कर लिया गया।तब से वह भवन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।भवन शील होने के बाद डॉ. सिया राम पटेल सोनभद्र जनपद के कर्मा थाना अंतर्गत गणेश पुर गांव में निवास कर रहा है।
निर्मित गगन चुंबी इमारत के आसपास रहने वाले भवन स्वामी मुराहूं सिंह,लक्ष्मण सिंह, लालता सिंह, कुलबुल सिंह, शुबास सिंह व रामेश्वर सिंह ने बताया कि आंधी और तूफान आने पर हम लोग अपना घर छोड़कर बाहर चले जाते हैं।
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इस संबंध में गांव के कुलदीप पटेल, छप्पन सिंह,डॉ सलारु ने बताया कि नियमों के विरुद्ध अवैध तरीके से बने भवन को गिराने हेतु जिला प्रशासन सहित जन प्रतिनिधियों तक को भी अवगत कराया गया।लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। डॉ. की दूसरी पत्नी अर्चना सिंह ने बताया कि 2018 में न्यायालय द्वारा मकान कुर्क कर भरण पोषण हेतु तीन लाख 82 हजार पांच सौ रुपए दिए जाने के आदेश के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक एक पैसा भी नहीं मिला, जबकि मेरी बेटी लगभग 18वर्ष की हो चुकी है जिससे उसके पठन पाठन में दीक्कते आ रही है। हमें अभी तक न्याय नहीं मिला। कुर्क अमीन चंद्र प्रकाश ने अपने रिपोर्ट मे 13 मंजिला भवन निर्मित होने का रिपोर्ट दिया है।