चुनार। थाना क्षेत्र के सद्दूपुर मोहल्ले में जलकल कंपोजिट विद्यालय के पीछे एक मकान के कमरे में शनिवार को देर रात एक शराबी ने मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक की लाठी से मारकर व गला कसकर हत्या कर की। मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को शराबी शनिवार को दोपहर में ही अदलपुरा से लेकर आया था। रविवार को सुबह कमरे में गई हत्यारोपी की पत्नी को बिस्तर पर शव दिखा। इसके बाद दोपहर में किसी ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस हत्यारोपी की पत्नी से पूछताछ कर शिनाख्त और मामले की छानबीन में जुटी रही। आरोपी मौके से फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है।
सद्दूपुर निवासी एक व्यक्ति मजदूरी कर और फेरी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। वह शराब पीने का आदी है। आरोप है कि वह पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था। वह शनिवार को शाम को मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को लेकर घर आया। उसने अपने बच्चों से बताया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक उसे अदलपुरा मेले में मिला है। उसने कई दिन से खाना भी नहीं खाया था। उसकी हालत पर तरस खाकर वह घर ले आया। इसके बाद रात में उसने अपनी पत्नी और बच्चों को कमरे से बाहर निकाल दिया। रात में लाठी से मारकर और गला कसकर उसकी हत्या कर दी। रविवार को सुबह करीब पांच बजे जब बच्चों को ठंड लगने लगी तो पत्नी कपड़ा लेने घर के अंदर गई। वहां सामान बिखरा पड़ा था। मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक का शव बिस्तर पर कपड़े से ढका हुआ था। इसके बाद वह डर गई और उसने किसी को कुछ नहीं बताया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे किसी ने कस्बा चौकी प्रभारी सुखबीर सिंह को सूचना दी कि हत्या हो गई और शव कमरे में पड़ा है।
इसकी जानकारी होते ही सीओ उमाशंकर सिंह, चुनार कोतवाल संजीव कुमार सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक संजीत बहादुर सिंह के अलावा चकगंभीरा चौकी प्रभारी लव सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर बाद ढाई बजे घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम भी पहुंची। टीम मिट्टी पर गिरे रक्त का नमूना जांच के लिए साथ ले गई। एएसपी नक्सल ने बताया कि हत्या रात में ही हो गई थी। हत्यारोपी की पत्नी बाहर सोई थी। रात में मारपीट होने पर उसकी नींद खुली। उसे हत्या के बारे में रात को ही पता चल गया था। उसका पति फरार हो गया था। वह सुबह कमरे में गई तो बिस्तर पर शव दिखा। इसके बाद भी उसने सूचना पुलिस को नहीं दी। शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की जा रही है। ताकि पता चल सके कि हत्या करने का क्या कारण है। शिनाख्त नहीं होने से हत्या के कारण का भी पता नहीं चल सका है।