मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को मिशन शक्ति के तहत ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपस्थित महिलाओं एवं बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए जिलाधिकारी ने महिलाओं को हर क्षेत्र में बढ़ने व बेटियों के संरक्षण व स्वावलंबन पर जोर दिया। कहा कि पारिवारिक झगड़ों में सुलह समझौता बेहतर तरीका है। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव की गरीब व अशिक्षित महिलायें जब तक कानून के बारे में जानकारी नहीं करेंगी, तब तक वह अपने हक की मांग भी नहीं कर सकेंगी। उपस्थित एक महिला की शिकायत थी कि उसके पति उसे तभी घर में रखने को राजी होंगे जब उन्हें एक लाख रुपये और अपाचे गाड़ी मिलेगी। उसे पति ने घर से मारपीट कर भगा दिया है। वह अपने घर पर है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। एक दूसरी ससुराल से पीडि़त महिला के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि पति पत्नी/परिवारिक के झगड़े को आपसी सुलह समझौते पर निस्तारण करना सही रहता है। किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप से मामला और आगे बढ़ जाता है। जिलाधिकारी ने अपर पुलिस अधीक्षक से कहा कि ऐसे मामलो में निष्पक्ष जाच करा कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। आकांक्षा ने मिशन शक्ति कार्यक्रम के बारे में जानकारी चाही जिस पर जिलाधिकारी ने जानकारी दी। प्रीति श्रीवास्तव के हास्टल की व्यवस्था न होने की बात पर जिलाधिकारी ने किराए का अच्छा मकान लेकर रहने की बात कही। कोरोना से मृत एक व्यक्ति की पत्नी को योजना का लाभ देने को कहा गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी और पूर्जा मौर्या आदि मौजूद थे।