ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के खिलाफ प्रदेश भर के दवा कारोबारी लामबंद हैं। बुधवार को जिले के दवा कारोबारियों ने दूकानें बंद रखीं, जिससे दवाओं की बिक्री नहीं हुई। केेमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोवर्धन त्रिपाठी के नेतृत्व में दवा कारोबारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध जताया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया से दवा कारोबार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दवा कारोबारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। महामंत्री राजेश सर्राफ ने कहा कि दवा की दूकानों के लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। साथ ही दूकानों के ड्रग लाइसेंस की नवीनीकरण में जो समस्या आती है, उसका तत्काल निराकरण किया जाए। दवा कारोबारी रूप टंडन आैर पन्नालाल ने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री बंद होने तक दवा कारोबारी अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। दवा कारोबारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्रक भेजा जिससे ऑनलाइन दवा की बिक्री पर रोक लग सके। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में संजीव सर्राफ, विनोद गुप्ता, राम कुमार, सुशील केशरवानी, प्रमोद द्विवेदी, इंद्रेश तिवारी आदि रहे।