मिर्जापुर। राजस्व परिषद के अध्यक्ष हेमंत राव ने बृहस्पतिवार को आयुक्त कार्यालय के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जमीन आवंटन और पट्टे से संबंधित मामलों का प्राथमिकता से निपटारा कराने का निर्देश दिया।
आयुक्त कार्यालय के सभागार में मिर्जापुर और भदोही के राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण, राजस्व वसूली, आईजीआरएस पर आई शिकायतों के निपटारे में हुई प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। मंडलायुक्त डाॅ. मुथुकुमार स्वामी बी. ने मंडल के तीनों जिलों में हुई प्रगति की जानकारी दी। बैठक में खतौनी, ई-खसरा, रबी खेती की पड़ताल, कृषक दुर्घटना बीमा, स्वामित्व योजना, कृषि एवं आवास भूमि के आवंटन, ई-परवाना, शस्त्र नवीनीकरण आदि बिंदुओं पर समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने राजस्व कार्यों के लिए चलाए गए विशेष अभियान तथा जिलाधिकारी भदोही गौरांग राठी ने न्यायालय आपके द्वार के कार्यों के बारे में जानकारी दी। राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने भूमि आवंटन तथा पट्टों से संबंधित मामलों में तहसील स्तर पर प्राथमिकता से निपटारा करने पर जोर दिया। उन्होंने शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया। राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्ययोजना बनाकर हर दिन कोर्ट में बैठें तथा अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित कराएं। कहा कि गरीब की जमीन अथवा सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। बैठक में अपर आयुक्त डाॅ. विश्राम, अभय पांडेय, एडीएम शिव प्रताप शक्ल, एडीएम भदोही, मुख्य राजस्व अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
इससे पहले राजस्व परिषद के अध्यक्ष हेमंत राव ने बृहस्पतिवार को सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में संयुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया। शस्त्र नवीनीकरण पटल पर पहुंचकर उन्होंने डिस्पैच रजिस्टर का अवलोकन किया। पटल सहायक को उन्होंने निर्देश दिया कि जो भी पत्रावलियां तहसील से आती हैं, उनको तिथि और नाम के अनुसार क्रम से दर्ज करें। इसके लिए उन्होंने एक पंजिका बनाने का निर्देश दिया। ताकि उसी क्रम में प्रकरणों का निपटारा हो सके। उन्होंने अभिलेखों का ठीक ढंग से रखरखाव का भी निर्देश दिया। भूलेख पटल पर निरीक्षण के दौरान उन्होंने पटल सहायक से सवाल किया कि आखिरी डिमांड कब भेजी गई थी। पटल सहायक ने बताया कि आखिरी डिमांड 12 फरवरी को दी गई थी। उसके बाद उन्होंने यह सवाल किया कि उसके पहले कब डिमांड भेजी गई तो पटल सहायक ने बताया कि सितंबर 2023 में भेजी गई थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही समय से डिमांड भेजने का निर्देश दिया। ताकि प्रकरण का समय से निस्तारण हो सके। उन्होंने कार्यालय के बाकी पटलों का भी निरीक्षण किया। कंप्यूटर पर शिकायतों और बाकी तथ्यों का अवलोकन किया। साथ ही पटल सहायक को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिया। उन्होंने कलेक्ट्रेट के अभिलेखागार का भी निरीक्षण किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिले का काम संतोषजनक है। इसके बाद उन्होंने सदर तहसील का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, अपर जिलाधिकारी भू राजस्व सत्य प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ला आदि मौजूद रहे।इससे पहले सुबह उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किया। विंध्य काॅरिडोर का निरीक्षण भी किया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने उनको निर्माणाधीन विंध्य कॉरिडोर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राजस्व परिषद के अध्यक्ष को कलेक्ट्रेट में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिलाधिकारी और दूसरे अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।