सीखड़। चुनार कोतवाली क्षेत्र के कुशहा गांव में शनिवार को सुबह फंदे पर लटककर विवाहिता ने जान दे दी। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने झरोखे से देखा तो वह फंदे पर लटक रही थी। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारने की कोशिश की, परंतु मायके वालों ने पुलिस को मना कर दिया। पांच घंटे बाद मायके वालों के पहुंचने पर शव को फंदे से उतारा गया। बिहार के कैमूर चौखड़ा उदरा गांव निवासी कृष्णानंद पाठक सेनानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में अपनी पुत्री सोनी मिश्रा की शादी चुनार कोतवाली क्षेत्र के कुशहा गांव निवासी नितिन कुमार मिश्रा के साथ की थी। नितिन प्राइवेट विद्यालय में अध्यापक है। दोनों से छह वर्ष का पुत्र वेदांत मिश्रा है। सुबह पिता स्कूल पढ़ाने और पुत्र पढ़ने चला गया। विवाहिता के ससुर अजय किसी काम से गांव में गए थे। दादी भी घर से बाहर थीं। इस बीच सोनी मिश्रा की मां ने उसके ससुर अजय के मोबाइल पर फोन कर कहा कि सोनी फोन नहीं उठा रही है। उससे बात कराइए। इस पर अजय घर आए तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। उन्होंने बहू को आवाज लगाई तो उसने जवाब नहीं दिया। इस पर उन्होंने झरोखे से देखा तो वह पंखे के सहारे बंधे साड़ी के फंदा पर लटकी थी। उन्होंने मायका वालों और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर अदलपुरा चौकी प्रभारी जयदीप सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस दरवाजा तोड़ने जा रही थी, परंतु विवाहिता के पिता ने फोन कर दरवाजा खोलने से मना किया। पांच घंटे बाद मायका वालों के आने पर पुलिस ने दरवाजा खोलकर शव को फंदे से उतारा। परिजनों ने बताया कि एक दिन पहले ही सोनी अपने बहन के घर डाफी गई थी। चर्चा थी कि पति से विवाद हुआ था। आर्थिक तंगी के चलते सोनी परेशान थी। इस पर पति ने एक ब्यूटी पार्लर खोलवाया था। थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मायके वालों की ओर से कोई तहरीर मिलती है तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।