मिर्जापुर। पथरहिया स्थित विकास भवन के आडिटोरियम में मंगलवार को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज- टू के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें प्रथम बैच में 38 प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने इसका शुभारंभ किया। कहा कि यह जिला स्वच्छता के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। जिले से ही प्रदेश का पहला खुले में शौच से मुक्त विकास खंड घोषित किया था। अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण भाग-दो के अंतर्गत हम अपने गांव को माडल गांव बनाएं। इसमें ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, माहवारी प्रबंधन, वेस्ट रीसाइकलिंग प्लांट, घर-घर कूड़ा कलेक्शन एवं स्थानीय वेंडरों से संपर्क कर मार्केटिंग के माध्यम से कूड़े को बेचकर सफाई पर ध्यान देना है। जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को ठोस एवं तरल प्रबंधन में प्रत्येक ग्राम पंचायतों की कार्य योजना तैयार करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा। विस्तृत प्रशिक्षण में एडीपीआरओ नीलेंद्र सिंह ने तकनीकी रूप से गृह वाटर प्रबंधन पर जानकारी दी। विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रशांत कुमार शुक्ला एवं सुनील कुमार उपाध्याय ने कार्य योजना को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के संदर्भ में पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण दी। इसके बाद उपस्थित 38 प्रतिभागियों को चार टीमों में बांटकर अगले दिन पीआरए गतिविधि हेतु निर्धारित गांव का चयन करते हुए टीम तैयार की गई। प्रशिक्षण में सहायक विकास अधिकारी पंचायत जमालपुर एवं विकास खंड कोन, मझवां, हलिया, जमालपुर, छानबे एवं लालगंज के खंड प्रेरक उपस्थित थे।