छानबे क्षेत्र के गोनौरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर आयोजित रामलीला मंचन के पांचवें दिन राम वन गमन का मंचन किया गया। रामलीला मंचन के दौरान कैकेई रुठकर कोप भवन में जाकर राजा दशरथ अपने दोनों वरदान में राम को चौदह वर्ष वनवास व भरत को राज्यगद्दी मांगी। दशरथ ने कहा भले ही भरत को राज्य दे दिया जाए इस मुझे आपत्ति नहीं लेकिन राम को वन यह उचित नहीं। उन्होने कैकेई को बहुत समझाया तमाम अनुनय व विनय के बाद भी जब कैकेई नहीं मानी तो राजा बेसुध हो गए। राम- लक्ष्मण व सीता को वन जाते देख महाराज दशरथ व्याकुल होकर धरती पर गिरकर मुर्छित हो गए। हलिया के सोनगढ़ा गांव में मां आनंदी कुमारि देवी के परिसर में पांचवें दिन धनुषयज्ञ लीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के संयोजक अविनाश सिंह, अध्यक्ष प्रासू उर्फ प्रभात दुबे, धर्मेंद्र केसरी, हर्ष सिंह सहित काफी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।