मां विंध्यवासिनी की एक झलक पाने के लिए बेताब श्रद्धालु। सोशल मीडिया।
विंध्याचल। माघ पूर्णिमा पर रविवार को आस्थाधाम विंध्याचल में श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। श्री विंध्य पंडा समाज के मुताबिक साढ़े तीन लाख से ज्यादा देवी भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया माघी पूर्णिमा की पूर्व संध्या से ही माता दरबार में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। विभिन्न होटल और धर्मशाला में डेरा डाले श्रद्धालु भोर में ही गंगाघाट पहुंच गए। मंगला आरती से पहले गंगा स्नान कर मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचकर गर्भगृह की ओर जाने वाले मार्ग पर कतारबद्ध हो गए। भोर में घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़े के बीच मंगला आरती के बाद जैसे पट खुला माता के जयकारे से विंध्य धाम गुंजायमान हो उठा। किसी ने गर्भगृह में तो किसी ने झांकी से ही मां विंध्यवासिनी की एक झलक मन की मुराद पूरी की। दिन चढ़ते ही मंदिर की तरफ जाने वाले सभी मार्गों पर भक्तों की लंबी कतार लग गई। मंदिर की छत पर पूजन-अनुष्ठान व जनेऊ संस्कार आदि आयोजन निरंतर चलता रहा। मां विंध्यवासिनी देवी के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन करने के उपरांत बाद नर-नारियों ने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंचकर पूजन किया। धाम में सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम थे। माता का दर्शन-पूजन करने के बाद महिलाओं ने विंध्याचल की गलियों में सजीं दुकानों से अपने जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी की। श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया माघी पूर्णिमा पर सुबह से लेकर देर रात तक लगभग साढ़े तीन लाख से अधिक देवी भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया।