सीखड़ क्षेत्र के खैरा बाजार में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा।- सोशल मीडिया।
मिर्जापुर। तीज के ही दिन मंगलवार से दस दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ हो गया। उदया तिथि में शुभ मुहूर्त में बुधवार से अपने-अपने घरों में अथवा रंग बिरंगी रोशनी से युक्त पूजा पंडालों में गणेश प्रतिमा स्थापित कर लोगों ने पूजन-अर्चन शुरू कर दिया। शाम होते ही दर्शन-पूजन के लिए पुरुष, महिलाओं और बच्चों की भीड़ पहुंच रही है। धुंधीकटरा में मराठा गणेश सेवा समिति की ओर से 1987 से गणेश महोत्सव मनाया जा रहा है। यहां स्थापित भगवान गणेश प्रतिमा मुंबई से मंगाई जाती है। समिति की तरफ से मंगलवार को ही विघ्न विनायक भगवान गणेश की प्रतिमा बैठाकर पूजन-अर्चन शुरू कर दिया गया है। चुन्नी मुन्नी गली में श्री गणेश नवयुवक सेवा समिति, श्री बाल नवयुवक सेवा समिति पक्की सरिया, श्री गणेश नवयुवक सेवा समिति कोनियाघाट की तरह सरैया में तीन, वासलीगंज में दो, लाल डिग्गी में दो, किशुन प्रसाद की गली, रमईपट्टी टैँपो स्टैंड से पहले देहात कोतवाली मोड़, संगमोहाल में पूजा पंडाल के अलावा कई घरों में भगवान गणेश का पूजन-अर्चन शुरू किया गया है। विंध्यधाम में अलग-अलग समितियों भगवान गणेश की प्रतिमा बैठाकर पूजन अर्चन किया जा रहा है। मुख्य रूप से चिकान शीतला मंदिर पकरीतर, पुरानी वीआईपी सुगंधी देवी मंदिर के पास, बंगाली चौराहे के सभासद आवास के पास, नगर पालिका कार्यालय रेहडा चुंगी, शिवपुर तेलियानी बस्ती, शिवपुर बाजार, अमरावती चौराहा, अटल चौक, बावली चौराहा, भोलेनाथ मंदिर, शिवपुर आरा मशीन के पास सहित कई स्थान पर भगवान श्री गणेश की मूर्ति की स्थापना की गई है। पुरोहित राज कुमार पाठक ने बताया तीज के बाद से दस दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ हो गया। उन्होंने कहा वैसे तो पूरे भारत वर्ष में विघ्न हर्ता के रूप में भगवान गणेश की पूजा होती है लेकिन सबसे ज्यादा भक्त महाराष्ट्र में गणेश महोत्सव का पर्व मनाया जाता है।