मिर्जापुर। चुनार कोतवाली क्षेत्र के गांगपुर गांव में रास्ते के विवाद में धारदार हथियार से हत्या करने के आरोपी पिता-पुत्र पर दोषसिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश यज्ञेश चंद्र पांडेय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही दो-दो हजार के अर्थदंड से दंडित किया। चुनार कोतवाली क्षेत्र के गांगपुर गांव निवासी यशराम सिंह पुत्र स्व. भागीरथी सिंह ने 26 जुलाई 2012 को तहरीर देकर बताया कि उसका भाई गणेश गांव की दुकान पर समान लेने गया था। इस दौरान रास्ते के विवाद को लेकर गांव निवासी रामसूरत और उसके पुत्र सुरजीत वहां पहुंचा। सुरजीत ने हंसिया से उसके भाई पर हमला कर दिया। उसका भाई भागना चाहा तो रामसूरत ने उसे पकड़ लिया। सूरजीत ने हंसिया से हमला कर उसके भाई की हत्या कर दिया। यशराम की तहरीर पर चुनार पुलिस ने रामसूरत और उसके पुत्र सुरजीत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमीनल श्रीधर पाल ने गवाहों को परीक्षित कराया। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन महेश सिंह अत्रि व क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में चुनार पुलिस व पैरवी सेल की प्रभावी पैरवी किया। अपर सत्र न्यायाधीश यज्ञेश चंद्र पांडेय ने गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध छसाक्ष्य के आधार पर हत्या के मामले में रामसूरत और उसके पुत्र सुरजीत को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारवास की सजा से दंडित किया। इसके अलावा दो-दो हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया।