बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में तेल निष्कर्षण के लिए विकसित भाप आसवन इकाई
मिर्जापुर। बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में तेल निकालने के लिए विकसित भाप आसवन इकाई शुरू हो गई। इससे औषधीय व सुगंधित पौधों से वैज्ञानिक तरीके से उच्च गुणवत्ता वाला तेल निकाला जाएगा। दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बीएमएन कुमार ने बताया कि यह बहुउद्देशीय इकाई कृषि समुदाय के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इससे पामारोसा, जरेनियम, मेंथा (पुदीना), तुलसी, गुलाब, लैवेंडर, सिट्रोनेला, चमेली, वेटिवर और चंदन जैसे पौधों को कुशलता से संसाधित करने में सक्षम है। अभी स्थानीय स्तर पर उगाई गई लेमन ग्रास का तेल निकालकर इकाई को शुरू किया गया है। आगे अन्य पौधों से भी तेल व औषधीय एवं सुगंधित तत्वों को निकाला जाएगा। आस-पास के किसान सुगंधित फसल का प्रसंस्करण न्यूनतम व निर्धारित शुल्क पर करवा सकते हैं। मशीन प्रति बैच पांच क्विंटल की क्षमता के साथ डिजाइन की गई है। लेमन ग्राम कम पानी में उगने वाली उच्च मूल्यवाली सुगंधित फसलों की खेती है। यहां छात्रों, किसानों और उद्यमियों को उन्नत कृषि-प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों में प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इससे किसानों को अपनी आय बढ़ाने, टिकाऊ कृषि को अपनाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सक्षम बना रहे हैं। इस अवसर पर फार्म प्रभारी डा. शशिधर, डा. त्रियुगीनाथ, डा. कंचन पडवाल, डा. सविता देवांगन, डा. कौस्तुभ किशोर सराफ, डा. कृतिमंडल, डा. अजीत सिंह, डा. आलोक सिंह, डा. अभिनव सिंह, डा. विपिन सिंह, डा. गिरीश तंतुवे, डा. अजीत कुमार आदि रहे। संवाद