शेरवां। क्षेत्र के गौरी गांव स्थित परानपुर हनुमान मंदिर परिसर में अन्नदाता मंच के तत्वावधान में रविवार को किसान महापंचायत हुई। इसमें कृषि बिल के विरोध में किसानों ने आवाज उठाई। इसकी अध्यक्षता करत हुए डॉ. दूधनाथ यादव ने कहा कि देशभर में नए कृषि कानून का किसान संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। किसानों को समय से बिजली, सिंचाई, खाद, बीज व प्राकृृतिक आपदा बीमा का समय से लाभ नहीं मिल रहा है। राणा प्रताप सिंह ने कहा कि वर्ष 2021-22 में होने वाले धान खरीद के लिए पर्याप्त धान क्रय केंद्रों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। पिछले वर्ष खरीदे गए धान व गेहूं का भुगतान अब तक अधिकतर किसानों को नहीं किया गया है। वीरेंद्र सिंह ने नील गाय और छुट्टा पशुओं से किसानों के फसलों का हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। चौधरी रमेश सिंह किसानों को एकजुटता पर बल दिया। वहीं, प्रगतिशील किसान नवल किशोर सिंह ने कहा कि देश व प्रदेश में किसान विरोधी सरकार चल रही है। भाजपा की नीति और नियत दोनों किसान विरोधी हैं। किसानों को दोगुनी आमदनी का सपना दिखाकर उनकी बातों को अनसुनी किया जा रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक किसानों से गेहूं, धान व गन्ना की खरीद एमएसपी दर पर करने का दावा कर रही है, जबकि एमएसपी का लाभ किसानों को नहीं बिचौलियों को मिल रहा। संचालन अन्नदाता मंच के ब्लॉक प्रभारी चौधरी रमेश सिंह ने किया। पंचायत में बृजनाथ चौबे, राजनाथ सिंह, अरविंद सिंह, अवधेश सिंह, भृगुनाथ सिंह, प्रभात सिंह, बबलू चौबे, शशि प्रकाश सिंह, विजय कुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह मौजूद रहे।