मिर्जापुर। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बृहस्पतिवार को दोपहर में मंडलीय अस्पताल पहुंच कर विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान डेंगू और डायरिया के मरीजों को भर्ती करने और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को डेंगू के मरीजों के लिए 150 बेड के अलग वार्ड तैयार रखने तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने 145 बेड के भवन में पहुंच कर बेड का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि यहां कम से कम 150 बेड की व्यवस्था की जानी चाहिए। ताकि डेंगू के मरीज बढ़ने पर समस्या न हो। एसआईसी डाॅ. अरविंद सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुल 105 बेड की व्यवस्था है। शेष बेड की व्यवस्था अविलंब करा दी जाएगी। साथ ही प्लेटलेट्स व ओआरएस आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित करा ली जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को डेंगू के मरीज आने पर जरूरत पड़ने पर रक्तदान शिविर लगाने का भी निर्देश दिया। एक लाख रुपये जो मद में बचे हुए हैं, उससे दवा मंगा लें तथा और जरूरत हो तो उसके बारे में जानकारी दें। निरीक्षण के दौरान में उन्होंने सीएमओ डाॅ. सीएल वर्मा को निर्देश दिया कि वे जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
उन्होंने डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों से बात कर स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद वे बच्चा वार्ड में पहुंचीं। वहां भर्ती आयुषी उपाध्याय, आरव दुबे, आरुष, अल्तमस के इलाज के बारे में जानकारी ली। इसके बाद पर्ची काउंटर के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को पर्ची काउंटर का निर्माण कार्य 15 अगस्त तक पूरा कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने डिजिटल एक्स रे कक्ष में पहुंचकर एक्स-रे कार्य का भी जायजा लिया। मरीजों के तीमारदारों से बात कर पारदर्शिता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मियों को पारदर्शिता के साथ एक्स-रे करने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। उधर, जिलाधिकारी ने मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंच कर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। एनआरसी प्रभारी ने बताया कि वर्तमान में कुल 14 कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने सृष्टि, आशी, प्रदीप आदि बच्चों के परिजनों से बात की। निरीक्षण के दौरान डीएम आठ माह की सृष्टि को दुलारती नजर आईं। इस दौरान सीडीओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसआईसी डाॅ. अरविंद सिंह, सीएमओ डाॅ. सीएल वर्मा, ओएसडी डाॅ. अरविंद सिन्हा, एसीएमओ डाॅ. मुकेश कुमार, प्रबंधक अनुज ठाकुर आदि मौजूद रहे।