मिर्जापुर। वैश्विक महामारी में प्रवासियों को संकट से उबारने के लिए उद्योग विभाग संघर्षरत है। प्रवासियों को अपने विभाग के अलावा प्राईवेट सेक्टर में संपर्क कर राहत पहुंचायी जा रही। उद्योग विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो अबतक 58 प्रवासी मजदूरों को इंडस्ट्रीज सेक्टर के अलावा कर्ज के माध्यम से अपना खुद का रोजगार उपलब्ध कराकर आत्म निर्भर बनाया गया है।
सूत्रों की मानें तो प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए श्रम व सेवायोजन विभाग भी अपने-अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं। कुशल, अकुशल लोगो की छंटनी करते हुए प्राईवेट सेक्टर के अलावा मनरेगा के माध्यम से भी उन्हे रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त उद्योग व खादी ग्रामोद्योग विभाग की ओर से पीएमईपी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अलावा ओडीओपी योजना चलाया जा रहा है। बेरोजगारों का चयन कर उन्हें बगैर ब्याज के भी ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रवासियों को रोजगार के लिए जनरल डाक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ती है जैसे ड्राईवरी लाइसेंस, राशन कार्ड, आधार कार्ड बैंक पासबुक आदि शामिल हैं।
प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जनरल डाक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ती है। कुछ ऐसे भी रोजगार है जिसमे शैक्षिक योग्यता की भी बाध्यता नहीं है फिर भी उन्हें आसानी से कर्ज भी मुहैया कराया जा रहा है। -वीके चौधरी, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन।