राजगढ़। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 11 मई को राजगढ़ आ रहे हैं। उनके आने के लिए क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल है। प्राचीन हनुमान मंदिर हिनौता परिसर में स्वागत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गांव की गलियों से लेकर मंदिर परिसर तक सफाई, सजावट और धार्मिक आयोजन की तैयारियों में ग्रामीण जुट गए हैं। श्रद्धालुओं में अपने आराध्य संत के दर्शन के लिए खास उत्साह है।बताया कि गविष्ठ यात्रा के लिए शंकराचार्य का आगमन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। धर्म रक्षा और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित कार्यक्रम के लिए ग्रामीणों में उत्साह है। बुजुर्गों का कहना है कि वर्षों बाद इतने बड़े संत का आगमन क्षेत्र में हो रहा है। शुभम आचार्य ने बताया कि कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए मंदिर परिसर को फूल-मालाओं, झालरों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया जा रहा है।