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Mirzapur News: बेरहम ठंड ये इतनी, रहम तुम जरा सा खा लेते

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अहरौरा। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बुधवार की रात सुरेश जायसवाल के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें हुज्जत मशक्कत के बाद कवियों की रचनाओं ने महफिल सजा दी। तालियों की गड़गड़ाहट में नरसिंह साहसी की रचना बेरहम ठंड ये इतनी, रहम तुम जरा सा खा लेतें ने काव्य प्रेमियों को उर्जा से गर्म कर दिया। काव्य गोष्ठी की शुरुआत कवियत्री विभा सिंह की मां सरस्वती को समर्पित वंदना से हुआ। सुरेश गाफिल की रचना जिंदगी के मेले में ये दौर तेजी मंदी का सुनाकर तालियां बंटोरी। शुभेंद्र जायसवाल की रचना भाव उत्कंठित हृदय भी काव्य प्रेमियों के हृदय को झकझोर गई। सुरेंद्र साहिल की रचना ले के हाथ में दिया सलाई के बाद मयंक छांगुर की प्रस्तुति तुष्टिकरण की राजनीति पर केंद्रित काव्य पाठ श्रोताओं को तालियां बजाने पर विवश कर दिया। कुमार आनंद के जीवंत हास्य व्यंग्य ने समाज मे व्याप्त विषधर पर करारा चोंट करते हुए जहर की आदत पड़ जाए तो सांपों से मुहब्बत हो जाती है। पर खूब तालियां बटोरी। गोष्ठी की अध्यक्षता विजय नाथ मिश्र ने किया। इस अवसर पर नगर पालिकाध्यक्ष ओम प्रकाश केशरी, महेंद्र जायसवाल, जयकिशन जायसवाल, आशीष अग्रहरी, पारस नाथ केशरी, पंकज सोनकर, एकराम विश्वकर्मा सहित अन्य काव्य प्रेमी मौजूद रहे।
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