विंध्याचल। विंध्याचल धाम में 331 करोड़ की लागत से विंध्य काॅरिडोर का कार्य चल रहा है। यह सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। हस्तांतरण की प्रक्रिया ही शेष है। सीएम ने पिछले दौरे पर अधिकारियों से भक्तों की सुविधा के साथ ही कॉरिडोर की भव्यता पर विशेष जोर देने को कहा था। जिलाधिकारी को जांच कराकर हस्तांतरित की प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया था। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने कितना ध्यान दिया उसका नजारा मंगलवार को दिखा। दोपहर में एक घंटे (तीन से चार बजे तक) की बारिश से कॉरिडोर के पुरानी वीआईपी मार्ग पर पानी भर गया। अधिकारियों की लापरवाही तैरने लगी। इससे श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी परेशानी हुई। श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। उधर, स्टेशन रोड और उससे जड़ी गलियों में जलभराव दिखने को मिला। पिछले बृहस्पतिवार को हुई बारिश के बाद भी पुरानी वीआईपी मार्ग पर जल भराव हुआ था।
इनसेट
कॉरिडोर निर्माण के दौरान मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर को जोड़ने वाले चार प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण किया गया है। पुरानी वीआईपी गली का विस्तार 40 फीट, न्यू वीआईपी गली का विस्तार 35 फीट, पक्का घाट की तरफ जाने वाले मार्ग पक्काघाट एवं सदर बाजार मार्ग की चौड़ाई 35 फीट बढ़ाई गई है। इन मार्गाें पर बिजली के बॉक्स बिना प्लानिंग के लगाए हैं। मार्ग की चौड़ाई बढ़ने के बावजूद दर्शनार्थियों को चलने में दिक्कत होती है।
इनसेट
रेलवे पुल के नीचे भर जाता है पानी
विंध्याचल। आस्थाधाम विंध्याचल में मामूली बारिश में भी रेहड़ा चुंगी और पटेंगरा नाला रेलवे पुल के नीचे पानी भर जाता है। जिससे स्थानीय नागरिकों सहित श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार की दोपहर हुए झमाझम बरसात के बाद, रेहड़ा चुंगी व पटेगरा नाला रेलवे पुल के नीच पानी भर गया। जल भराव के चलते श्रद्धालु जोखिम लेकर रेलवे लाइन को पार करते दिखे।