मिर्जापुर। खजुरी नदी से निकले ककराही नहर समेत अन्य नहरों का संचालन नहीं होने से 500 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई प्रभावित हो रही है। रबी सीजन में विभाग की तरफ से शुरू किया गया नहरों के जीर्णोद्वार का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। विभागीय लापरवाही का खामियाजा किसानों को परेशानी का सामना करके भुगतना पड़ रहा है। किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
लघु डाल नहर प्रखंड की तरफ से बीते फरवरी माह में एक करोड़ रुपये की लागत से ककराही नहर के अलावा दुबेपुर व दुल्लहपुर नहर के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया था। नाली के निर्माण के अलावा भवनों के जीणोद्धार तथा रंग-रोगन के काम तो कर लिए गए हैं, लेकिन पंप से जुड़ी पाइप आदि खोलकर जस के तस पड़े हुए हैं। मुख्य टेल के पास खजुरी माइनर की दशा खराब है। रबी सीजन में गेहूं की फसल सिंचाई के अभाव में प्रभावित हुई और अब खरीफ सीजन में पंप का संचालन नहीं होने से किसान धान की रोपाई तक नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। लघु डाल नहर प्रखंड के अवर अभियंता कृष्णानंद का कहना है कि खजुरी नदी से संबंधित ककराही, दुबेपुर, दुल्लहपुर पंप नहर के जीर्णोद्धार का काम लगभग पूरा हो गया है। नदी में पानी नहीं होने से पंप का संचालन नहीं हो पा रहा था। बारिश शुरू होने से पानी आ गया है। एक-दो दिन में पंप का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।