मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के रमईपट्टी निवासी एक दुकानदार ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर एक सिपाही पर जबरदस्ती सामान देने के लिए दुकान खोलवाने और उसके बाद पहुंचे शहर कोतवाली के एक दरोगा और एक सिपाही पर घर में घुसकर दुुकान खोलने पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। पैसा न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिया। मामले में पुलिस ने कोरोना कर्फ्यू में तय समय के बाद दुकान खोलने के आरोप में दुकानदार और उसके दो पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वीडियो वायरल होने और दुकानदार की शिकायत पर प्रभारी एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी प्रभात राय को सौंपी है। शहर कोतवाली क्षेत्र के रमईपट्टी निवासी उमाशंकर गुप्ता ने एसपी को ज्ञापन देकर बताय कि उसकी किराना की दुकान है। पांच बजे दुकान बंद हो गया था। सात बजे हेलमेट लगाकर एक पुलिसकर्मी आया और दुुकान का दरवाजा पीटा। छोटे पुत्र ने दरवाजा खोलकर कहाकि दुकान बंद हो गई है, कल सामान मिलेगा। धमकी दिया कि सामान नहीं दोगे तो कल से दुकान नहीं खुलेगी। तब तक कचहरी चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह और सिपाही दीपक यादव घर में घुस गए। दुकानदार न आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी धमकी देने लगे कि दुकान खोलकर सामान बेच रहे हो पांच हजार रुपये दो नहीं तो चालान कर जेल भेज देंगे। मामले में कचहरी चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दुकानदार उमाशंकर व उसका पुत्र बिना मास्क पहने छह से सात ग्राहकों को सामान दे रहा था। कोविड महामारी में लाकडाउन के बाद भी दुकान खोला गया। चौकी प्रभारी ने शहर कोतवाली में दुकानदार और उसे दो पुत्र टिंकू व सोनूू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य ने दुकानदार के आरोप और वीडियो वायरल होने पर मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है।