मिर्जापुर। जिले में राशन कार्डों की जांच में लगभग 11000 यूनिट के ऐसे अपात्रों का पता चला है जो पात्र गृहस्थी योजना के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे थे। तथ्य सामने आने पर ऐसे 3600 कार्ड धारकों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि जांच बराबर चलती रहेगी। खास बात यह है कि इतनी संख्या में अपात्रों का राशन कार्ड बन गया और विभाग बेखबर बना रहा।
जिले में एक बार फिर से राशन कार्डों का सत्यापन शुरु कर दिया गया है। दरअसल राशन कार्ड के लिए नए आवेदन लगातार आते जा रहे हैं। जिला पूर्ति विभाग एक लक्ष्य तक ही राशन कार्ड बना सकता है। इसके लिए पुराने राशन कार्डों की जांच होती है और उसमें जो अपात्र पाए जाते हैं, उनको निरस्त कर नए आवेदकों का कार्ड बनाया जाता है। इसी अभियान के तहत राशन कार्डों की जांच हो रही है। कहा गया है कि कई अपात्रों का राशन कार्ड बन गया है। उनकी जांच कर उनको निरस्त किया जाएगा। साथ ही जो पात्र नए आवेदक हैं, उनकी जांच कर उनका राशन कार्ड बनवाया जाएगा। फिलहाल इस वित्तीय वर्ष में अभी तक लगभग 3600 राशन कार्ड निरस्त हो चुके हैं। जिले में इस समय 456025 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 69665 अंत्योदय कार्ड धारक व 386360 पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। जिनकी कुल 1915596 यूनिट हैं। इसमें से अप्रैल से शुरु हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष के सात महीनों में 3600 राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं जिनकी कुल यूनिट 10616 यूनिट है। इसी बीच 2883 नए कार्ड बनाए गए हैं जिनकी कुल यूनिट 10252 है। सबसे अधिक राशन कार्ड जून 2023 में निरस्त हुए और इसी महीने में सबसे अधिक नए कार्ड बनाए गए। जून में 6723 यूनिट के 2204 राशन कार्ड निरस्त किए गए जबकि 4743 यूनिट के 1308 नए राशन कार्ड बनाए गए।
जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि अपात्रों की जांच लगातार चलती रहेगी। इसका मूल उद्देश्य यह है कि यदि कोई पात्र किसी प्रकार से वंचित है तो उसको उसका लाभ दिया जाय और यदि कोई अपात्र को यह सुविधा मिल रही है तो उसे उससे वंचित किया जाय।