ड्रमंडगंज। असिंचित कृषि क्षेत्र के किसान पानी के अभाव में धान की नर्सरी नहीं डाल पाएंगे। ऐसे में देर से रोपाई करने को विवश किसानों को धान का उत्पादन कम होने की चिंता सताने लगी है। बता दें कि हलिया विकास खंड के बरौधा, कठार, परसिया गोकुल, लोहरौंह, परसिया राजा, मटिखना, दिघुली, अतरैला राजा, धवनरवा, शिवराजपुर, सेमरी कला, गंभीरापुर, बबुरा भैरोदयाल, रेजकारी, तिलई, कनोखर, ददरी, धसड़ा राजा, खैरा भभूता, महराज गंज, अमिरती, धोपापुर, भिटहा, कोटा शिवप्रताप सिंह, देवहट, कटरा, लहुरियादह, भैंसोड़ बलाय पहाड़, भैंसोड़ जेर, महोगढ़ी सहित कई अन्य दर्जनों गावों में धान की खेती बरसात पर ही निर्भर हैं। जुलाई, अगस्त तक पर्याप्त बारिश होने के बाद ही इन गावों के किसान अपने खेत मेें धान की नर्सरी डाल पाते हैं। बरौधा न्याय पंचायत क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सिरसी नहर का पानी बरौधा राजवाहा में धान की फसल सूखने के बाद ही पहुंच पाता है। भिटहा न्याय पंचायत क्षेत्र के टेल पर स्थित गांवों में भी घोरी नहर का पानी शायद ही कभी पहुंच पाता है।