मिर्जापुर। जिले में पकड़े गए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह के तार पूर्वांचल के कई जिलों से जुड़े हैं। तीन दिन पहले अभ्यर्थियों को जाल में फंसाकर पैसे लिए और उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई। पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मिर्जापुर के अलावा मऊ समेत पूर्वांचल के कई जिलों के अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी की गई है।
जिले में फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और खरीदने वाले लोगों के खिलाफ कटरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस अधीक्षक ने गिरोह के बाकी सदस्यों और अभ्यर्थियोें से पूछताछ के लिए टीमें रवाना की है। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि पुलिस आरक्षी परीक्षा में नकल माफिया गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए सर्विलांस और एसओजी टीम गठित की गई थी। इस बीच पुलिस को पता चला कि कुछ लोग प्रश्नपत्र बनाकर बेच रहे हैं। उनको पकड़ा गया तो पता चला कि वो फर्जी प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका बनाकर अभ्यर्थियों को बेच रहे हैं। फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह के तीन और दो अभ्यर्थियाें को पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना संजय कुमार मौर्या अपने साथी विशाल इंटर काॅलेज के लिपिक रतन कुमार मौर्या के सहयोग से फर्जी प्रश्नपत्र बना रहा था। फर्जी प्रश्नपत्र बनाने की तैयारी तीन दिन पहले की गई। इसके बाद व्हाट्सएप आदि से अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनको प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका बेची गई। इसके बदले में अभ्यर्थियों से 10 से 15 हजार रुपये गुगल पे के माध्यम से वसूल किए गए। छानबीन में मऊ जिले में भी प्रश्नपत्र बेचने का लिंक मिला है। संबंधित व्यक्ति को पकड़ने के लिए टीम रवाना कर दी गई है। छानबीन में पूर्वांचल के कई अन्य जिलों से गिरोह के तार जुड़े होने की जानकारी मिल रही है। वहां भी टीमें रवाना की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अंतरजनपदीय गिरोह से जुड़े इन आरोपियों के खिलाफ एसआईटी गठित कर कार्रवाई की जाएगी।