नगर के मोर्चाघर गंगा घाट पर फेका जा रहा सड़ा कूड़ा, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। एक तरफ गंगा के निर्मलीकरण को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ मोहल्लों से निकलने वाला कूड़ा घाटों से सीधे गंगा में फेंक दिया जा रहा है। यह हाल तब है जब माघ का पवित्र महीना चल रहा है और गंगा स्नान के विशेष महत्व के चलते बड़ी संख्या में लोग घाटों पर स्नान ध्यान के लिए पहुंच रहे हैं। नगर पालिका के सफाई कर्मियों द्वारा की जा रही इस मनमानी के चलते घाटों पर कूड़े की परत चढ़ गई है यही नहीं बदबू के चलते आस पास से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। मौर्चाघर, रैदानी कालोनी, मंडलीय अस्पताल के पीछे, सुंदर घाट, बरियाघाट के अगल-बगल नगर का कूड़ा व नाला गंगा में गिर रहा है। इससे जल दूषित हो रहा है। माघ महीने में गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस महीने में श्रद्धालु पवित्र नदियों खासकर गंगा में डुबकी लगाकर दान-पुण्य करते हैं। 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। विशेष स्नान पर बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान करते हैं। दूसरी तरफ मोर्चाघर स्थित घाट के नीचे गंगा में नगर पालिका के सफाईकर्मी गंगा में कूड़ा कचरा फेंक रहे हैं। कचरे का पहाड़ बना दिया गया है। इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर घाटों पर सड़ा-गला भोजन फेंका मिला। इससे जल के साथ साथ वायु प्रदूषण फैल रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी में प्रदूषण का खतरा भी रहेगा। बरियाघाट के बगल में नाला भी गंगा में गिर रहा है। इससे पानी दूषित हो रहा है। स्नान पर्व के समय बरियाघाट पर बड़ी सख्या में श्रद्धालु आकर श्रद्धा की डुबकी लगाते है। इसी तरह रैदानी कालोनी, मंडलीय अस्पताल के पीछे, सुंदर घाट के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गंगा किनारे गई जगह नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा कूड़ा फेंका जा रहा है।